mahalakshmi aarti

Mahalaxmi Aarti Marathi दुर्गे दुर्घट भारी

महाराष्ट्र की संस्कृति में देवी महालक्ष्मी की उपासना का अत्यंत विशेष स्थान है। यहाँ की पारंपरिक मराठी आरती, “जय देवी जय देवी जय महालक्ष्मी”, अत्यंत प्रभावशाली और लोकप्रिय है। यह आरती मुख्य रूप से कोल्हापुर स्थित माता अंबाबाई (महालक्ष्मी) को समर्पित मानी जाती है, जिन्हें महाराष्ट्र की कुलस्वामिनी भी कहा जाता है।

इस आरती के बोल बहुत ही सुंदर और अर्थपूर्ण हैं। इसमें माता के ‘स्थूल’ और ‘सूक्ष्म’ (व्यापक) रूप का वर्णन किया गया है। आरती में देवी के अलौकिक सौंदर्य, रत्नजड़ित मुकुट और चंदन-केसर के लेप का मनमोहक चित्रण मिलता है। भक्त इसमें गाते हैं कि माता ही ‘तारक’ (रक्षा करने वाली) और ‘संहारक’ (दुष्टों का नाश करने वाली) जगदंबा हैं।

Mahalaxmi Aarti Marathi

दुर्गे दुर्घट भारी तुजविण संसारी।
अनाथनाथे अंबे करुणा विस्तारी॥
वारी वारीं जन्ममरणाते वारी।
हारी पडलो आता संकट नीवारी ॥१॥

जय देवी जय देवी जय महिषासुरमथनी।
सुरवरईश्वरवरदे तारक संजीवनी ॥धृ.॥

त्रिभुवनी भुवनी पाहतां तुज ऎसे नाही।
चारी श्रमले परंतु न बोलावे काहीं ॥
साही विवाद करितां पडिले प्रवाही।
ते तूं भक्तालागी पावसि लवलाही ॥२॥

प्रसन्न वदने प्रसन्न होसी निजदासां।
क्लेशापासूनि सोडी तोडी भवपाशा ॥
अंबे तुजवांचून कोण पुरविल आशा।
नरहरि तल्लिन झाला पदपंकजलेशा ॥३॥

विशेष रूप से शुक्रवार, मार्गशीर्ष माह और नवरात्रि के दौरान हर मराठी घर में इस आरती का गायन होता है। मान्यता है कि जो भक्त पूर्ण श्रद्धा के साथ मराठी भाषा में इस आरती को गाते हैं, उनके घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है और माता उनके सभी संकट हर लेती हैं।

Mahalaxmi Aarti Marathi Durge Durgat Bhari in English

Durge durghata bhari tujavina sansari.
anathanathe ambe karuna vistari॥
vari varim janmamaranate vari.
hari padalo ata sankata nivari ॥1॥
 
jaya devi jaya devi jaya mahishasuramathani.
suravaraishvaravarade taraka sanjivani ॥dhri.॥
 
tribhuvani bhuvani pahatam tuja esē nahi.
chari shramale lakeen na bolave kahim ॥
sahi vivada karitam padile pravahi.
te tum bhaktalagi pavasi lavalahi ॥2॥
 
prasanna vadane prasanna hosi nijadasam.
cleshapasuni sodi todi bhavapasha ॥
ambe tujavanchuna kona puravill asha.
narahari tallina jala padapankajalesha ॥3॥

मराठी गीतातील श्री महालक्ष्मी आरती आपण ध्यानपूर्वक लिहिली आहे, फिर भी इस प्रकार की त्रुटि दिसते तो आपण कमेंट करून किंवा Swarn1508@gmail.com वर ईमेल करू शकता.

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