एकादशी
अगली तिथि: द्वादशी
अगली तिथि: द्वादशी
तिथि (Tithi) वैदिक समय गणना की सबसे महत्वपूर्ण इकाई है। यह सूर्य और चंद्रमा के बीच की कोणीय दूरी पर आधारित होती है। जब चंद्रमा सूर्य से 12 डिग्री आगे बढ़ता है, तो एक तिथि पूरी होती है। एक चंद्र मास (Month) में कुल 30 तिथियां होती हैं, जिन्हें दो पक्षों में विभाजित किया जाता है: शुक्ल पक्ष (चंद्रमा का बढ़ना) और कृष्ण पक्ष (चंद्रमा का घटना)।
हिंदू धर्म के लगभग सभी प्रमुख त्यौहार तिथियों पर आधारित होते हैं। जैसे दीपावली अमावस्या को, होली पूर्णिमा को, और गणेश चतुर्थी शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मनाई जाती है। इसलिए, 'आज की तिथि' जानना धार्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण से अत्यंत आवश्यक है। हमारी वेबसाइट दिल्ली के सूर्योदय और चंद्रोदय के आधार पर आपको एकदम सटीक तिथि की जानकारी देती है।
30 तिथियों में से एकादशी (11वीं तिथि) को सबसे पवित्र माना जाता है। महीने में दो एकादशियां आती हैं। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और उपवास रखा जाता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी एकादशी का उपवास शरीर के पाचन तंत्र को आराम देने और डिटॉक्स करने के लिए बहुत लाभकारी माना गया है। हमारे टूल में आपको आज की तिथि के साथ-साथ यह भी पता चलेगा कि आज कौन सा व्रत है।
कभी-कभी सूर्योदय के समय के आधार पर एक ही तिथि दो दिनों तक चल सकती है (तिथि वृद्धि), या कभी-कभी सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो सकती है (तिथि क्षय)। यह गणना शहर के अक्षांश और देशांतर पर निर्भर करती है। इसीलिए भगवद गीता टूल्स पर हम हमेशा 'लोकेशन बेस्ड' डेटा का उपयोग करते हैं ताकि आपको अपने शहर की सही जानकारी मिले।
2025 में अपने सभी धार्मिक कार्यों, व्रतों और अनुष्ठानों के लिए इस डिजिटल कैलेंडर का उपयोग करें।