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आज का शुभ मुहूर्त (Delhi)

अभिजित मुहूर्त (विजय)

आज का सर्वश्रेष्ठ समय

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ब्रह्म मुहूर्त (ध्यान/पूजा)
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गोधूलि मुहूर्त (शाम)
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राहु काल (वर्जित)
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यमगंडा (अशुभ)
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शुभ मुहूर्त क्या है और इसका दैनिक जीवन में महत्व?

शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat) वैदिक ज्योतिष का वह स्वर्णिम समय है जब ग्रहों और नक्षत्रों की ऊर्जा (Energy) पृथ्वी पर सबसे अधिक सकारात्मक और अनुकूल होती है। सनातन धर्म में मान्यता है कि यदि कोई कार्य 'शुभ मुहूर्त' में शुरू किया जाए, तो उसमें आने वाली बाधाएं समाप्त हो जाती हैं और सफलता की संभावना बढ़ जाती है।

अभिजित मुहूर्त (Abhijit Muhurat) - दिन का राजा

'अभिजित' का अर्थ है जिसे जीता न जा सके। यह मुहूर्त प्रतिदिन दोपहर (Local Noon) के आसपास लगभग 48 मिनट के लिए आता है। भगवान राम का जन्म इसी मुहूर्त में हुआ था। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि किसी कार्य के लिए कोई विशेष मुहूर्त नहीं मिल रहा हो, तो उसे अभिजित मुहूर्त में किया जा सकता है। यह 'विजय' प्राप्ति के लिए सर्वश्रेष्ठ है। (नोट: बुधवार को अभिजित मुहूर्त का त्याग करना चाहिए)।

ब्रह्म मुहूर्त (Brahma Muhurat) - देवताओं का समय

सूर्योदय से लगभग 1 घंटा 36 मिनट पहले का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है। यह समय विद्या अध्ययन, ध्यान, योग और ईश्वर की उपासना के लिए सर्वोत्तम माना गया है। इस समय वातावरण में ओजोन और सकारात्मक ऊर्जा का स्तर सबसे अधिक होता है, जो मानसिक शांति और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।

राहु काल (Rahu Kaal) - सावधान रहें

जहाँ हम शुभ मुहूर्त की बात करते हैं, वहीं अशुभ समय का ज्ञान होना भी जरूरी है। राहु काल दिन का वह 90 मिनट का समय है जो राहु ग्रह के प्रभाव में होता है। दक्षिण भारत में इसे 'राहु कालम' कहते हैं और इसे बहुत गंभीरता से लिया जाता है। इस दौरान कोई भी नया कार्य (जैसे दुकान का उद्घाटन, सगाई, यात्रा) शुरू नहीं करना चाहिए। हमारी वेबसाइट दिल्ली के सूर्योदय के अनुसार इसकी सटीक गणना करती है।

इस प्रकार, BhagwatGeeta Tools आपको 2025 में हर दिन का सटीक खाका प्रदान करता है ताकि आप अपनी दिनचर्या को ब्रह्मांडीय लय (Cosmic Rhythm) के साथ जोड़ सकें।