चौघड़िया (Choghadiya) वैदिक ज्योतिष का एक अत्यंत लोकप्रिय और त्वरित मुहूर्त साधन है। जब हमारे पास विस्तृत पंचांग देखने का समय नहीं होता, या हमें तत्काल कोई शुभ कार्य, यात्रा या लेन-देन करना होता है, तो 'आज का चौघड़िया' देखना सबसे उत्तम माना जाता है। यह मुख्य रूप से सूर्योदय से सूर्यास्त (दिन) और सूर्यास्त से सूर्योदय (रात) के बीच के समय को 8 बराबर भागों में बांटकर बनाया जाता है। प्रत्येक भाग को 'चौघड़िया' कहते हैं, जो लगभग 1.5 घंटे (एक घड़ी) का होता है।
ज्योतिष में 7 प्रकार के चौघड़िया होते हैं, जिनका अपना-अपना फल होता है:
पुराने समय से ही लोग घर से निकलने से पहले चौघड़िया देखते हैं। यदि आप किसी महत्वपूर्ण काम से बाहर जा रहे हैं, तो कोशिश करें कि आप 'अमृत', 'शुभ' या 'लाभ' के चौघड़िया में घर से निकलें। यदि मजबूरी में निकलना पड़े, तो 'चर' चौघड़िया भी स्वीकार्य है।
कई लोग गलती यह करते हैं कि वे अखबार या कैलेंडर में छपा चौघड़िया देख लेते हैं। ध्यान रहे, चौघड़िया पूरी तरह से सूर्योदय (Sunrise) पर निर्भर करता है। दिल्ली में सूर्योदय का समय मुंबई से अलग होगा, इसलिए दोनों शहरों का चौघड़िया समय भी अलग होगा। हमारी वेबसाइट BhagwatGeeta Tools 2025 के पंचांग और आपके शहर के अक्षांश-देशांतर (Latitude/Longitude) का उपयोग करके एकदम सटीक गणना करती है।
इसलिए, किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले हमारे इस डिजिटल टूल का उपयोग करें और अपने जीवन को सफल बनाएं।