नवरात्रि में मां चामुंडा(Chamunda Mantra) की उपासना अमोघ फल देने वाली मानी गई है। नवरात्रि के पवित्र दिनों में ही मां चामुंडा के मंत्र सिद्ध किए जाते हैं। इस मंत्र का जप करने से भक्त की भक्ति शक्ति में वृद्धि होती है और उन्हें मां चामुण्डा के प्रति अधिक श्रद्धा और समर्पण की भावना होती है।
चामुंडा मंत्र हिन्दू धर्म में देवी चामुंडा की पूजा और आराधना के लिए एक महत्वपूर्ण मंत्र है। देवी चामुंडा माँ दुर्गा का एक उग्र और शक्तिशाली स्वरूप हैं। उन्हें चामुंडा इसलिए कहा जाता है क्योंकि उन्होंने चंड और मुण्ड नामक दो दानवों का संहार किया था। वे शक्ति, साहस, और विजय की प्रतीक हैं और अपने भक्तों की सभी समस्याओं और संकटों को दूर करने वाली मानी जाती हैं।
श्री चामुण्डा मन्त्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।।
(Om aem rhim klim chamundayai viche)
“मैं देवी चामुंडा का आह्वान करता हूँ, जो शक्ति, बुद्धि और विजय की अधिष्ठात्री हैं।”
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Chamunda Vashikaran Mantra
ॐ चामुण्डे जय जय वश्यकरि सर्व सत्वान्नम: स्वाहा|
(Om chamunde jai jai vashyakari sarva satvannmah swaha)
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माया प्रधान चामुंडा मंत्र
ह्रीं ऐं क्लीं चामुंडायै विच्चे
आकषर्ण चामुंडा मंत्र
क्लीं ऐं ह्रीं चामुंडायै विच्चे।
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चामुंडा मंत्र का उच्चारण व्यक्ति को भय, नकारात्मक ऊर्जा, और जीवन की कठिनाइयों से मुक्ति दिलाने के लिए किया जाता है। यह मंत्र विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो साहस, आत्मविश्वास और मानसिक शांति की तलाश में हैं।
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