Lalita Mata Aarti: श्री मातेश्वरी जय त्रिपुरेश्वरी!

lalita mata ki aarti

ललिता माता आरती, देवी ललिता त्रिपुरसुंदरी की महिमा का गुणगान करने वाला एक भक्तिमय स्तोत्र है। यह आरती देवी के सौंदर्य, शक्ति और करुणा का प्रतीक है। “श्री” शब्द का अर्थ है समृद्धि, सौभाग्य और देवी की अनंत कृपा। ललिता माता को त्रिपुरा महादेवी के रूप में जाना जाता है, जो संपूर्ण ब्रह्मांड की सृजन, स्थिति और संहार की अधिष्ठात्री हैं।

ललिता माता आरती

(जय शरणं वरणं नमो नम:)
श्री मातेश्वरी जय त्रिपुरेश्वरी!
राजेश्वरी जय नमो नम:!!
करुणामयी सकल अघ हारिणी!
अमृत वर्षिणी नमो नम:!!
जय शरणं वरणं नमो नम:
श्री मातेश्वरी जय त्रिपुरेश्वरी…!
अशुभ विनाशिनी, सब सुखदायिनी!
खलदल नाशिनी नमो नम:!!
भंडासुर वध कारिणी जय मां!
करुणा कलिते नमो नम:!!
जय शरणं वरणं नमो नम:
श्री मातेश्वरी जय त्रिपुरेश्वरी…!
भव भय हारिणी कष्ट निवारिणी!
शरण गति दो नमो नम:!!
शिव भामिनी साधक मन हारिणी!
आदि शक्ति जय नमो नम:!!
जय शरणं वरणं नमो नम:!
श्री मातेश्वरी जय त्रिपुरेश्वरी…!!
जय त्रिपुर सुंदरी नमो नम:!
जय राजेश्वरी जय नमो नम:!!
जय ललितेश्वरी जय नमो नम:!
जय अमृत वर्षिणी नमो नम:!!
जय करुणा कलिते नमो नम:!
श्री मातेश्वरी जय त्रिपुरेश्वरी…!

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ललिता माता आरती के लाभ

आरती के लाभों में आर्थिक समृद्धि, पारिवारिक सुख-शांति और आध्यात्मिक प्रगति प्रमुख हैं। इसके नियमित पाठ से शरीर और मन के बीच संतुलन बनता है, जिससे जीवन में ऊर्जा और उत्साह का संचार होता है। यह भक्त को आत्मविश्वास और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास प्रदान करती है।

ललिता माता की आरती करने से व्यक्ति को देवी की कृपा और उनके आशीर्वाद का अनुभव होता है, जिससे जीवन हर प्रकार की बाधाओं से मुक्त हो जाता है।

ललिता माता आरती को हमने ध्यान पूर्वक लिखा है, फिर भी इसमे किसी प्रकार की त्रुटि दिखे तो आप हमे Comment करके या फिर Swarn1508@gmail.com पर Email कर सकते है। 

Swarn

My name is Swarn Jain, A blog scientist by the mind and a passionate blogger by heart ❤️, who integrates my faith into my work.

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