श्री गणेश आरती || Shri Ganesh Aarti – जय गणेश जय गणेश

ganesh ji

गणेश जी की आरती संत गणेश जी की पूजा और स्तुति के लिए समर्पित एक भक्तिपूर्ण स्तोत्र है। गणेश जी को भक्ति, ज्ञान, और संतोष के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। उनकी आरती में उनके दिव्य गुणों, शिक्षाओं, और उनकी संतता का वर्णन किया जाता है।

जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा॥

एक दंत दयावंत,
चार भुजा धारी।
माथे सिंदूर सोहे,
मूसे की सवारी॥

जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा॥

पान चढ़े फल चढ़े,
और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे,
संत करें सेवा॥

जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा॥

अंधन को आंख देत,
कोढ़िन को काया ।
बांझन को पुत्र देत,
निर्धन को माया ॥

जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥

‘सूर’ श्याम शरण आए,
सफल कीजे सेवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥

जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥

दीनन की लाज रखो,
शंभु सुतकारी ।
कामना को पूर्ण करो,
जाऊं बलिहारी ॥

जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥

*****

गणेश आरती के लाभ

यह आरती भक्तों को जीवन में शांति, आत्मज्ञान, और मार्गदर्शन प्राप्त करने में सहायक होती है। गणेश जी की आरती विशेष रूप से उनके अनुयायियों और भक्तों द्वारा की जाती है, जो उनके आशीर्वाद और कृपा के लिए समर्पित होते हैं।

Shree Ganpati Aarti Lyrics को हमने ध्यान पूर्वक लिखा है, फिर भी इसमे किसी प्रकार की त्रुटि दिखे तो आप हमे Comment करके या फिर Swarn1508@gmail.com पर Email कर सकते है।

Swarn

My name is Swarn Jain, A blog scientist by the mind and a passionate blogger by heart ❤️, who integrates my faith into my work.

Leave a Reply