Govardhan Aarti – श्री गोवर्धन आरती

goverdhan aarti
गोवर्धन जी की आरती का परिचय देते समय हमें भगवान कृष्ण के जीवन से जुड़े उस महत्वपूर्ण प्रसंग को याद करना होता है, जिसमें उन्होंने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाकर गोकुलवासियों की रक्षा की थी।
यह घटना हिन्दू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसे गोवर्धन पूजा के रूप में मनाया जाता है। गोवर्धन जी की आरती भगवान कृष्ण के प्रति श्रद्धा और उनकी लीला की महिमा का गान है।

Shree Govardhan Aarti

श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।

तोपे पान चढ़े तोपे फूल चढ़े,
तोपे चढ़े दूध की धार।

तेरी सात कोस की परिकम्मा,
चकलेश्वर है विश्राम।

तेरे गले में कंठा साज रेहेओ,
ठोड़ी पे हीरा लाल।

तेरे कानन कुंडल चमक रहेओ,
तेरी झांकी बनी विशाल।

गिरिराज धारण प्रभु तेरी शरण।

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Shree Goverdhan Aarti in Hindi को हमने ध्यान पूर्वक लिखा है, फिर भी इसमे किसी प्रकार की त्रुटि दिखे तो आप हमे Comment करके या फिर Swarn1508@gmail.com पर Email कर सकते है। 

Swarn

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