मंगल बीज मंत्र: अर्थ, लाभ और जाप करने की विधि
मंगल ग्रह को ज्योतिष में साहस, ऊर्जा, पराक्रम, आत्मविश्वास और भूमि-संपत्ति का कारक माना गया है। जब कुंडली में मंगल अशुभ या कमजोर स्थिति में होता है, तो व्यक्ति के जीवन में क्रोध, जल्दबाजी, दुर्घटना, विवाद, कर्ज और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में मंगल बीज मंत्र का नियमित जाप अत्यंत लाभकारी माना गया है।
Mangal Beej Mantra in Hindi Lyrics
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
Mangal Beej Mantra in English
Om Kram Kreem Kroum Sah: Bhaumay Namh:
मंगल बीज मंत्र का अर्थ
mangal beej mantra in english में प्रयुक्त “क्रां, क्रीं, क्रौं” बीजाक्षर मंगल की ऊर्जा को जाग्रत करते हैं। “सः भौमाय नमः” का अर्थ है – मैं पृथ्वी पुत्र मंगल को नमन करता हूँ। यह मंत्र आत्मबल, साहस और निर्णय को सशक्त करता है।
मंगल बीज मंत्र के लाभ (Mangal Beej Mantra Benefits)
कुंडली में मंगल दोष (मांगलिक दोष) के प्रभाव को कम करता है।
साहस, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को बढ़ाता है।
क्रोध, चिड़चिड़ापन और आक्रामक स्वभाव पर नियंत्रण लाता है।
भूमि, संपत्ति, वाहन और कानूनी मामलों में सफलता दिलाने में सहायक।
शत्रु बाधा, दुर्घटना और अनावश्यक विवादों से रक्षा करता है।
रक्त, मांसपेशियों और हड्डियों से जुड़े रोगों में लाभकारी माना जाता है।
नौकरी, व्यापार और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के योग बनाता है।
मंगल बीज मंत्र जाप की विधि
मंगल बीज मंत्र का जाप मंगलवार के दिन विशेष फलदायी होता है। प्रातः स्नान कर लाल वस्त्र धारण करें। लाल चंदन या कुमकुम से मंगल यंत्र या भगवान हनुमान की पूजा करें। इसके बाद लाल मूंगे की माला से मंत्र का 108 बार जाप करें। जाप करते समय मन शांत और एकाग्र रखें।
निष्कर्ष
Mangal Beej Mantra in Hindi Lyrics न केवल ज्योतिषीय दोषों को शांत करता है, बल्कि व्यक्ति के जीवन में साहस, ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार करता है। नियमित और श्रद्धा-पूर्वक जाप करने से मंगल ग्रह के शुभ प्रभाव प्राप्त होते हैं और जीवन में स्थिरता व सफलता आती है।

