बालाजी की आरती (Balaji Ki Aarti) हिंदू धर्म में भक्ति और शक्ति का एक अद्भुत संगम है। भारत में, विशेषकर उत्तर भारत और राजस्थान के मेहंदीपुर और सालासर धाम में, भगवान हनुमान जी को प्रेम से ‘बालाजी’ कहकर पुकारा जाता है। इन्हें कलयुग का साक्षात् और जागृत देवता माना जाता है जो अपने भक्तों की पुकार तुरंत सुनते हैं।
भक्तों का अटूट विश्वास है कि श्री बालाजी महाराज की आरती का नियमित पाठ करने से जीवन के घोर संकट, रोग और नकारात्मक शक्तियां (Negative Energy) तत्काल दूर हो जाती हैं। आरती के दौरान जब भक्त सामूहिक रूप से “आरती कीजै हनुमान लला की” या “जय बाबा बालाजी” का गायन करते हैं, तो वातावरण में एक दिव्य सुरक्षा कवच का निर्माण होता है।
Shri Balaji Aarti Lyrics
ॐ जय हनुमत वीरा,
स्वामी जय हनुमत वीरा ।
संकट मोचन स्वामी,
तुम हो रनधीरा ॥
॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥
पवन पुत्र अंजनी सूत,
महिमा अति भारी ।
दुःख दरिद्र मिटाओ,
संकट सब हारी ॥
॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥
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बाल समय में तुमने,
रवि को भक्ष लियो ।
देवन स्तुति किन्ही,
तुरतहिं छोड़ दियो ॥
॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥
कपि सुग्रीव राम संग,
मैत्री करवाई।
अभिमानी बलि मेटयो,
कीर्ति रही छाई ॥
॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥
जारि लंक सिय-सुधि ले आए,
वानर हर्षाये ।
कारज कठिन सुधारे,
रघुबर मन भाये ॥
॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥
शक्ति लगी लक्ष्मण को,
भारी सोच भयो ।
लाय संजीवन बूटी,
दुःख सब दूर कियो ॥
॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥
रामहि ले अहिरावण,
जब पाताल गयो ।
ताहि मारी प्रभु लाय,
जय जयकार भयो ॥
॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥
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राजत मेहंदीपुर में,
दर्शन सुखकारी ।
मंगल और शनिश्चर,
मेला है जारी ॥
॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥
श्री बालाजी की आरती,
जो कोई नर गावे ।
कहत इन्द्र हर्षित,
मनवांछित फल पावे ॥
॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सुबह और शाम को घी या कपूर की ज्योत जलाकर बालाजी की आरती करने से घर में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति का वास होता है। यह केवल एक गायन नहीं, बल्कि ‘संकट मोचन’ से जुड़ने की एक आध्यात्मिक प्रक्रिया है।
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