Lalita Mata Aarti: श्री मातेश्वरी जय त्रिपुरेश्वरी!
ललिता माता आरती, देवी ललिता त्रिपुरसुंदरी की महिमा का गुणगान करने वाला एक भक्तिमय स्तोत्र है। यह आरती देवी के सौंदर्य, शक्ति और करुणा का प्रतीक है। "श्री" शब्द का…
ललिता माता आरती, देवी ललिता त्रिपुरसुंदरी की महिमा का गुणगान करने वाला एक भक्तिमय स्तोत्र है। यह आरती देवी के सौंदर्य, शक्ति और करुणा का प्रतीक है। "श्री" शब्द का…
नवरात्रि के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना, हवन और कन्या पूजन के साथ ही शारदीय नवरात्रि का समापन हो जाता है। मान्यता है कि सिद्धिदात्री मां की पूजा करने…
देवी कूष्मांडा, देवी दुर्गा के चौथे स्वरूप की अधिष्ठात्री हैं। इन्हें "आदिशक्ति" कहा जाता है क्योंकि ब्रह्मांड की उत्पत्ति इनके मधुर मुस्कान से हुई थी। देवी का स्वरूप अत्यंत तेजस्वी…
एकादशी माता हिंदू धर्म में व्रत और पवित्रता का प्रतीक हैं। एकादशी व्रत को भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है, और एकादशी माता की पूजा…
देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा करते समय सबसे पहले हाथों में एक फूल लेकर उनका ध्यान करें और प्रार्थना करते हुए नीचे लिखा मंत्र बोलें। नवरात्रि के दूसरे दिन पूजित ब्रह्मचारिणी…
सिद्धिदात्री माता, देवी दुर्गा के नवें और अंतिम स्वरूप की अधिष्ठात्री हैं। नवरात्रि के नवें दिन इनकी पूजा की जाती है। "सिद्धिदात्री" का अर्थ है "सिद्धियों को प्रदान करने वाली"।…
महा गौरी माता, देवी दुर्गा के आठवें स्वरूप का प्रतीक हैं। नवरात्रि के आठवें दिन इनकी पूजा की जाती है। इनका स्वरूप अत्यंत शांत, सौम्य और पवित्र है। महा गौरी…
कालरात्रि माता, देवी दुर्गा के सातवें स्वरूप की अधिष्ठात्री हैं। नवरात्रि के सातवें दिन इनकी पूजा की जाती है। माता का यह स्वरूप अत्यंत उग्र और शक्तिशाली है, जो सभी…
ब्रह्मचारिणी माता, देवी दुर्गा के दूसरे स्वरूप की आराधना का प्रतीक हैं। नवरात्रि के दूसरे दिन इनकी पूजा की जाती है। माता ब्रह्मचारिणी को तपस्या और साधना की देवी माना…
शैलपुत्री माता, देवी दुर्गा के पहले स्वरूप का प्रतीक हैं। नवरात्रि के प्रथम दिन इनकी पूजा की जाती है। "शैल" का अर्थ पर्वत होता है, और शैलराज हिमालय की पुत्री…
कमला यंत्र पूजा 1. Yantroddhara (यन्त्रोद्धार) पूजा के लिए सही यंत्र का उपयोग करना बहुत महत्वपूर्ण है। सही यंत्र के बिना, यंत्र पूजा का उद्देश्य पूरा नहीं होगा। यंत्र पूजा के…
कात्यायनी देवी की आरती विशेष रूप से नवरात्रि के छठे दिन की जाती है। वे शक्ति और विजय की प्रतीक हैं। उनकी आरती, "जय जय अम्बे जय कात्यायनी माता," का पाठ…