श्री पार्श्वनाथ चालीसा | Parasnath Chalisa Lyrics
श्री पारसनाथ चालीसा (Shri Parasnath Chalisa) जैन धर्म के सबसे श्रद्धेय और लोकप्रिय भक्ति पाठों में से एक है। यह चालीसा जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर, भगवान पार्श्वनाथ को समर्पित…
श्री पारसनाथ चालीसा (Shri Parasnath Chalisa) जैन धर्म के सबसे श्रद्धेय और लोकप्रिय भक्ति पाठों में से एक है। यह चालीसा जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर, भगवान पार्श्वनाथ को समर्पित…
श्री खाटू श्याम चालीसा (Khatu Shyam Chalisa Lyrics) बाबा श्याम के भक्तों के लिए आस्था और विश्वास का एक अटूट संगम है। कलयुग में भगवान श्रीकृष्ण के वरदान से पूजित,…
సాయి చాలీసా పారాయణం యొక్క ప్రాముఖ్యత: సాయి బాబా ఎల్లప్పుడూ "శ్రద్ధ" మరియు "సబూరి" సందేశాన్ని బోధించారు. నిజమైన హృదయంతో సాయి చాలీసాను పఠించే ఏ భక్తుడైనా అన్ని బాధలు, వ్యాధులు మరియు భయం నుండి విముక్తి పొందుతారని నమ్ముతారు. అది…
हिंदू धर्म में देवगुरु बृहस्पति (Jupiter) को बुद्धि, ज्ञान, शिक्षा और सौभाग्य का कारक माना जाता है। सप्ताह के सात दिनों में गुरुवार (Thursday) का दिन उनकी पूजा के लिए…
हिंदू धर्म में माता लक्ष्मी को धन, वैभव और ऐश्वर्य की देवी माना जाता है। उनकी पूजा-अर्चना में 'आरती' का विशेष महत्व है। ऐसा माना जाता है कि पूजा के…
The Parasnath Stotra is a powerful invocation dedicated to Lord Parshvanatha, the 23rd Tirthankara of Jainism. revered for his ability to remove obstacles and provide spiritual protection. For devotees who…
महाराष्ट्र की संस्कृति में देवी महालक्ष्मी की उपासना का अत्यंत विशेष स्थान है। यहाँ की पारंपरिक मराठी आरती, "जय देवी जय देवी जय महालक्ष्मी", अत्यंत प्रभावशाली और लोकप्रिय है। यह…
॥ Doha ॥ Nishchay prem pratith te, binay kare sanman ।Tehi ke karaj sakal shubh, siddha karai Hanuman ॥ ॥ Chaupayee ॥ Jai Hanumant sant hitkari ।Suni lijai prabhu araj…
🌿 तुलसी विवाह मंगलाष्टक क्या है? तुलसी विवाह मंगलाष्टक जिन्हें विवाह के समय पढ़ा जाता है। जब तुलसी माता का विवाह भगवान विष्णु (श्रीकृष्ण रूप) से किया जाता है, तब…
Marathi Mangalashtak Lyrics स्वस्ति श्री गणनायकं गजमुखम, मोरेश्वरम सिद्धीधम । बल्लाळो मुरुडम विनायकमहम चिन्तामणि स्थेवरम। लेण्याद्री गिरीजात्मकम सुरवरदम विघ्नेश्वरम् ओझरम । ग्रामो रांजण संस्थीतम गणपति। कुर्या सदा मंगलम शुभ मंगल…
श्री प. हेमराज जी आदिपुरुष आदीश जिन, आदि सुविधि करतार।धरम-धुरंधर परमगुरु, नमों आदि अवतार॥ सुर-नत-मुकुट रतन-छवि करैं,अंतर पाप-तिमिर सब हरैं।जिनपद बंदों मन वच काय,भव-जल-पतित उधरन-सहाय॥1॥ श्रुत-पारग इंद्रादिक देव,जाकी थुति कीनी…
श्री आदिनाथाय नमः भक्तामर स्तोत्र (संस्कृत): महत्व, शक्ति और लाभ भक्तामर स्तोत्र (Bhaktamar Stotra) जैन धर्म का सबसे प्रसिद्ध और प्रभावशाली संस्कृत स्तोत्र है। इसकी रचना महान संत आचार्य मानतुंग…