पंद्रहवाँ अध्यायः पुरुषोत्तमयोग- श्रीमद् भगवदगीता
पंद्रहवाँ अध्यायः पुरुषोत्तमयोग इसमें विश्व का अश्वत्थ के रूप में वर्णन किया गया है। यह अश्वत्थ रूपी संसार महान विस्तारवाला है। देश और काल में इसका कोई अंत नहीं है।…
पंद्रहवाँ अध्यायः पुरुषोत्तमयोग इसमें विश्व का अश्वत्थ के रूप में वर्णन किया गया है। यह अश्वत्थ रूपी संसार महान विस्तारवाला है। देश और काल में इसका कोई अंत नहीं है।…